ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमले का शिकार बना MT Settebello: तीन भारतीय नाविकों की मौत से बढ़ा भारत-अमेरिका तनाव
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संपादकीय टीम

10 जून 2026 को ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) में हुई एक सैन्य कार्रवाई ने भारत, अमेरिका और पूरे अंतरराष्ट्रीय समुद्री समुदाय को झकझोर कर रख दिया। अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा तेल टैंकर MT Settebello पर किए गए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। घटना के बाद भारत सरकार ने अमेरिका के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।
क्या है पूरा मामला ?

अमेरिका पिछले कुछ समय से ईरान के तेल निर्यात पर दबाव बनाने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री क्षेत्र में कड़ी निगरानी और नाकेबंदी अभियान चला रहा है। अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि कई जहाज प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए ईरान से जुड़े तेल व्यापार में शामिल हैं।
इसी अभियान के दौरान 10 जून को ओमान तट के पास गुजर रहे तेल टैंकर MT Settebello को अमेरिकी बलों ने निशाना बनाया। CENTCOM के अनुसार जहाज को कई बार निर्देश दिए गए, लेकिन कथित तौर पर उनका पालन नहीं किया गया, जिसके बाद जहाज के इंजन रूम पर हेलफायर मिसाइलों से हमला किया गया।
MT Settebello: जिस जहाज पर हुआ हमला

जहाज की प्रमुख जानकारी
नाम: MT Settebello
प्रकार: तेल टैंकर (Oil Tanker)
ध्वज: पलाऊ (Palau)
स्थान: ओमान की खाड़ी, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के निकट
घटना की तारीख: 10 जून 2026
कुल भारतीय चालक दल: 24 सदस्य
यह जहाज उस समय खाड़ी क्षेत्र से गुजर रहा था जब अमेरिकी सैन्य बल ईरान से जुड़े समुद्री मार्गों पर निगरानी बढ़ाए हुए थे।
कैसे हुआ हमला ?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि उसके एक सैन्य विमान ने जहाज के इंजन रूम पर दो हेलफायर मिसाइलें दागीं। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह “प्रिसिजन स्ट्राइक” थी और इसका उद्देश्य जहाज को रोकना था।
हालांकि इस कार्रवाई के बाद जहाज पर मौजूद भारतीय चालक दल के सदस्यों की जान खतरे में पड़ गई और कई लोग लापता हो गए। बाद में तीन भारतीय नाविकों के शव बरामद किए गए।
कौन थे वे तीन भारतीय नाविक ?
हमले में जान गंवाने वाले तीन भारतीय नाविकों की पहचान इस प्रकार हुई:
पटनला सुरेश (Patnala Suresh)
पद: चीफ इंजीनियर
शिवानंद चौरसिया (Shivanand Chaurasiya)
पद: इंजन फिटर
आदित्य शर्मा (Aditya Sharma)
पद: डेक कैडेट
इन तीनों की मौत की पुष्टि भारतीय अधिकारियों द्वारा की गई।
21 भारतीयों को बचाया गया
जहाज पर मौजूद 24 भारतीयों में से 21 को सुरक्षित निकाल लिया गया। बचाव कार्य में ओमान के अधिकारियों और समुद्री एजेंसियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
भारत सरकार की प्रतिक्रिया
घटना के बाद भारत सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के वरिष्ठ राजनयिक को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया। भारत ने कहा कि क्षेत्र में लगातार हो रही सैन्य कार्रवाइयों से भारतीय नाविकों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है और ऐसे हमले तुरंत रोके जाने चाहिए।
विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत ने अमेरिका के सामने अपनी “गहरी चिंता” और “कड़ा विरोध” व्यक्त किया है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह घटना ?
यह घटना कई कारणों से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है:
भारतीय नागरिकों की मौत
यह पहली बार है जब अमेरिकी नाकेबंदी अभियान के दौरान भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है।
भारत-अमेरिका संबंधों पर असर
भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी मजबूत रही है, लेकिन इस घटना ने दोनों देशों के बीच असहज स्थिति पैदा कर दी है।
समुद्री व्यापार पर खतरा
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक है। यहां बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और शिपिंग उद्योग को प्रभावित कर सकता है।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा
भारत दुनिया को बड़ी संख्या में समुद्री कर्मचारी उपलब्ध कराता है। खाड़ी क्षेत्र में हजारों भारतीय नाविक कार्यरत हैं, इसलिए ऐसी घटनाएं भारत के लिए विशेष चिंता का विषय हैं।
आगे क्या ?
भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मृतकों के शवों को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और प्रभावित परिवारों से संपर्क किया जा रहा है। वहीं अमेरिका की कार्रवाई और उसके कानूनी व कूटनीतिक प्रभावों पर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
निष्कर्ष
ओमान की खाड़ी में MT Settebello पर हुआ हमला केवल एक समुद्री घटना नहीं है, बल्कि यह वैश्विक भू-राजनीति, ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून से जुड़ा गंभीर मामला बन चुका है। तीन भारतीय नाविकों की मौत ने इस संकट को मानवीय त्रासदी में बदल दिया है। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि भारत और अमेरिका इस संवेदनशील मुद्दे को किस तरह संभालते हैं और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।